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झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष जांच और कथित गड़बड़ी वाली परीक्षाओं पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 20 अगस्त को बड़े प्रदर्शन की घोषणा के बाद आंदोलन पर सबकी नजर है।
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। रविवार को यह आंदोलन 23वें दिन में पहुंच गया। आंदोलनकारी छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि राज्य की कुछ भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और ऐसे मामलों में स्पष्ट कार्रवाई की जरूरत है।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
•कथित गड़बड़ी वाली परीक्षाओं को रद्द करना
•भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना
•पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराना
•CBI या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से जांच कराने की मांग
•भर्ती परीक्षाओं में भविष्य में अनियमितताओं को रोकने के लिए ठोस सुधार शामिल हैं।
15 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्रों ने रांची में तिरंगा यात्रा निकाली। बड़ी संख्या में छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग दोहराई।
⚠️ 20 अगस्त को बड़ा प्रदर्शन
आंदोलनकारियों ने घोषणा की है कि अगर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव किया जाएगा। छात्र नेताओं ने सरकार पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है।
10 अगस्त को प्रदर्शनकारियों के विधानसभा की ओर मार्च के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था। Reuters के अनुसार, प्रदर्शन 25 जुलाई से चल रहा है और उस दिन बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
📰 बड़ा सवाल
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए भर्ती परीक्षा सिर्फ एक परीक्षा नहीं होती—यह उनके सालों की मेहनत और भविष्य की उम्मीद से जुड़ी होती है।
इसलिए सवाल सिर्फ यह नहीं है कि आरोप सही हैं या गलत।
सवाल यह है कि अगर किसी भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठते हैं, तो उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कितनी जल्दी होनी चाहिए?
अब सबकी नजर 20 अगस्त के प्रस्तावित प्रदर्शन और सरकार की अगली कार्रवाई पर है।
Republic Lens इस मामले पर नजर बनाए हुए है।