Category Politics

स्वतंत्र भारद्वाज विवाद: मारपीट के दावे से लेकर गिरफ्तारी तक, जानें किस-किस नेता का नाम आया और क्या है पूरा मामला

जंतर-मंतर मारपीट मामले में विवादित पॉडकास्ट वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है। इस आर्टिकल में जानें पूरे घटनाक्रम की क्रोनोलॉजी, चिराग पासवान और कपिल मिश्रा जैसे नेताओं के नाम पर उठे विवाद, विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं और एससी/एसटी (SC/ST) व पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज हुई पुलिस कार्रवाई का पूरा विवरण।

संसद का मानसून सत्र 2026: हंगामे के बीच कौन-कौन से बड़े फैसले हुए ?

20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में अब तक कई अहम घटनाक्रम देखने को मिले। विपक्ष के विरोध, महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने और तीखी राजनीतिक बहसों के बीच सत्र लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस रिपोर्ट में जानिए अब तक संसद में क्या-क्या हुआ और किन मुद्दों ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं।

प्रशांत किशोर ने रचा नया राजनीतिक इतिहास, बांकीपुर से दर्ज की बड़ी जीत

प्रशांत किशोर ने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर बिहार की राजनीति में नया अध्याय जोड़ दिया। जानिए इस जीत का राजनीतिक महत्व और इसके संभावित प्रभाव।

क्या भारत की राजनीति में युवा मतदाता सबसे बड़ी ताकत बनने जा रहे हैं?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन आने वाले वर्षों में इसकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत केवल राजनीतिक दल नहीं, बल्कि युवा मतदाता हो सकते हैं। हर चुनाव के साथ लाखों नए मतदाता वोटर सूची में जुड़ते हैं और…

क्या प्रशांत किशोर बिहार की नई पीढ़ी के नेता बन सकते हैं?

पिछले कुछ वर्षों में बिहार की राजनीति में एक नया नाम लगातार चर्चा में रहा है—प्रशांत किशोर। चुनावी रणनीतिकार से राजनीतिक नेता बनने तक का उनका सफर अलग रहा है। उन्होंने पूरे बिहार में पदयात्रा की, जन सुराज अभियान चलाया…

बिहार पंचायत चुनाव 2026: परिसीमन क्यों ज़रूरी है और इसका क्या असर पड़ेगा?

बिहार पंचायत चुनाव 2026 से पहले परिसीमन (Delimitation) की चर्चा तेज़ हो गई है। परिसीमन का मतलब है जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर पंचायतों, वार्डों और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण। पिछले कई वर्षों में कई पंचायतों की…

भारत में युवाओं की राजनीति में भागीदारी क्यों ज़रूरी है?

लोकतंत्र की सबसे बड़ी विडंबना यही है कि जिसका भविष्य सबसे लंबा है, उसकी आवाज़ अक्सर सबसे कम सुनी जाती है।भारत को दुनिया का सबसे युवा लोकतंत्र कहा जाता है। देश की बड़ी आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। कॉलेजों, स्टार्टअप्स, खेतों, फैक्ट्रियों और डिजिटल दुनिया में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही […]